चित्रों का आनंद
Apr 21, 2016
अशोक स्तम्भ
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Apr 20, 2016
ठग
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आज राह चलते दिखा यह बाबा. एक अपाहिज के माथे पर हाथ फेर कर उसे आशीर्वाद देने की नौटंकी कर रहा था और पैसे मांग रहा था. जब अपाहिज ने ...
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Apr 17, 2016
चौखंडी स्तूप
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Apr 4, 2016
हर हर गंगे
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पंचगंगा घाट की सीढ़ियाँ उतरते ही कलशू गुरु से आँखे चार हुईं। पुराने जजमान को देख उनका चेहरा उगते सूरज की तरह चमकने लगा। अपना झोला उन्हें सौ...
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Feb 14, 2016
एक विश्वविद्ध्यालय यह भी तो है !
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जब टी. वी. चैनलों से जे.एन.यू. की खबरें आ रहीं थीं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अपना शताब्दी वर्ष बड़े धूम धाम से मना रहा था . राष्ट्र विरोधी ख...
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Jan 10, 2016
मेहनत के फूल
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एक ही स्थान से लिए गए दो चित्र हैं। पहले में पौधे रोपे गए हैं, दूसरे में फूल खिल चुके हैं।
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Nov 27, 2015
यादों की पतंग!
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दिन ढलने वाला है। निकलने वाला है कार्तिक पूर्णिमा का चाँद। बनारस के घाटों पर ज़ोर शोर से चल रही है देव दीपावली की तैयारी। साफ-स्वच्छ घा...
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