चित्रों का आनंद

Jun 29, 2013

मेढक

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यहीं छत्तीस...यहीं तैंतीस!
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Jun 28, 2013

मोर-2

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सारनाथ में जहाँ कई 'स्तूप' हैं उसे हम बोलचाल में 'खंडहर' ही कहते हैं। वहाँ नीम के बहुत से घने पेड़ हैं।  यहाँ इन स्तूपों क...
Jun 27, 2013

बारिश में...

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बारिश हुई तो आकाश फाड़ कर हुई. पहाड़ों के छप्पर ही नहीं घर भी बह गये . ऐसा लग रहा है जैसे इन्द्र ने सभी नल एक साथ खोल दिए हों. पहाड़ों मे...
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Jun 8, 2013

मूर्ख चिड़िया!

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ये दो पाये ऐसा क्यों करते हैं ? तेज धूप में फूल को तोड़कर पत्थर पर क्यों रखते हैं?  तुम  मूर्ख हो! ये भगवान की पूजा करते हैं।...
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May 30, 2013

शादी

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दूल्हे-दुल्हन के लिए रखे इस झूले के पास एक लड़का खेल रहा था। मैने उसकी तस्वीरें खींचनी चाही तो वह झूले के पीछे छुप गया। उसकी दीदी उसे मना ...
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May 25, 2013

सारनाथ-6 (बुद्ध पूर्णिमा 2013)

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बुद्ध मंदिर, सारनाथ  यह वही पीपल का वृक्ष है जहाँ भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था।
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May 5, 2013

धूप का सौंदर्य

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वैशाख-जेठ की दोपहरी में भी पकृति अपने रंगों की छटा बिखेरती है। कहीं गुलमोहर की लाली  तो कहीं अमलतास के पीले फूल। गुलमोहर की लाली तो इस समय...
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