ये कौए इस अमृतकुण्ड का पानी पीने नहीं आए, भक्त परिंदों के लिए दाने /ब्रेड /बिस्कुट लाते हैं और इसी कुएँ के जगत पर बिखेर देते हैं।
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Aug 25, 2023
Jan 18, 2023
Oct 15, 2022
कुआँ
सूर्योदय हो रहा है। सामने मर चुका कुँआ है। कभी कितनों की प्यास बुझाता होगा, अब धरोहर की तरह पड़ा है। भविष्य में नई पीढ़ी यह भी नहीं देख पाएगी।
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