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Oct 13, 2015

माटी के लोग!

आज से प्रारम्भ हो रही है नवरात्रि। प्रातः भ्रमण के बाद याद आया कि एक माटी के पात्र की आवाशयकता है। कुछ दीये भी चाहिए।  वैसे तो बाज़ारों में खूब मिलते हैं मगर मन हुआ कोहरान बस्ती चला जाय। पता चला  सारनाथ रेलवे स्टेशन से 3-4 किमी की दूरी पर है कोहरान बस्ती। पहुँच गया उनके द्वार। नजदीक से देखा कैसे बनते हैं माटी के दिये। कैसे बनते हैं खिलौने। बड़े प्यार से मिला कुम्हार का एक परिवार। आनंद आ गया इनसे मिलकर। ईश्वर से प्रार्थना कि हे भगवान! प्लास्टिक के युग में बचा कर रखना हमारी माटी की थाती। हमेशा खुशहाल रहें ये माटी के लोग। तस्वीरें मोबाइल की हैं। खूबसूरत तो नहीं हैं पर इन चित्रों में आनंद ही आनंद है।