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Oct 16, 2023

सुबह की बातें

धूप निकल आई है। छाँव है घने नीम के नीचे। चहुँ ओर आनंद की वर्षा का आलम है। एक तोता नीम की शाख से हवा में तैरता हुआ अनार के पौधों के बीच-बीच से निकलता हुआ फिर नीम में गुम हो गया। जाते-जाते उसने खण्डहर पर बैठी कौवी को आँख मारी या टाँय से छेड़ दिया कि साथी कौआ देर तक उसी दिसा में मुँह कर काँव-काँव करता रहा। कौए के चोंच इतनी चौडा़ई में खुलते, बंद होते कि लगा खा ही जायेगा तोते को। तोते की तरफ से फिर टाँय-टाँय की आवाज आई और कौआ पंख फैलाकर उड़ता हुआ घुस गया उसी नीम के पेंड़ पर। इधर कौवी उड़ी और हिरण के गरदन के ऊपर बैठ उसके कान में कुछ कहने लगी। हिरण ने हौले-हौले मुंडी हिलाई। कौवी संतुष्ट हो कौए की तलाश में उधर ही उड़ चली।


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Aug 26, 2013

सूर्योदय और कमल के फूल

सारनाथ रेलने स्टेशन के पास यह पुराना पोखरा है। यहाँ सिंगाड़े की खेती होती है।  


अब आप कहेंगे यहाँ कमल कहाँ है? सुबह-सुबह किशोर उम्र के बच्चे सारनाथ से कई स्टेशन आगे जाकर, ताल पोखरा ढूँढकर, कमल के फूल तोड़कर लाते हैं और बुद्ध मंदिर के पास तीर्थ यात्रियों को बेचते हैं। एक लड़का दिखा जो साइकिल में कमल के फूल लिये जा रहा था। मैने उसे रोका और यह तस्वीर खींची।


यह रहा कमल के फूल वाला लड़का।