Jan 7, 2014

धरती

धानी रंग ओढ़े चुनरी...


ओढ़े सरसों


धानी रंग ओढ़े चुनरी
ओढ़े सरसों
मन ना अघाये माई!
देखा बरसों।
.....................

7 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन जले पर नमक - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. उर्जा से भरपूर धरती !
    नई पोस्ट सर्दी का मौसम!
    नई पोस्ट लघु कथा

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  3. आपन धरती माई के सुन्दरता निहार देखूँ , मनवा में धानी पियर चूनर बस जाs ताs
    केहू आपन देख के मेहरारू, खुस होs लाs, हम धरती माई के देखी लाs जी जुड़ाए के.
    कहत सलिल बाबू बइठ के ई खेत में कि धान सरसों के आगे सब्भे ब्यूटी फेल बाs
    कहs भाई एह रंग संगे कोनो जनम में आर्टिफिसियल लाली, लिपिस्टिक के कोनो मेल बाs??

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  4. आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ कड़ियाँ (3 से 9 जनवरी, 2014) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,,सादर …. आभार।।

    कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

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