Jan 5, 2013

नंदी और तुलसी



3 comments:

  1. तुलसी को देखकर मानस की पंक्तिया याद आई "अचल होउ अहिवात तुम्हारा । जब लगि गंग जमुन जलधारा" .देवी पार्वती क किरपा बा .

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